चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग

उत्तर प्रदेश, भारत

माह - जून

  • बसन्तकालीन व देर बसन्तकालीन गन्ने में यदि यूरिया की टाइपड्रेसिंग शेष रह गयी हो तो सिंचाई उपरान्त 50 किग्रा0 नत्रजन/हे0 (110 किगा्र0 यूरिया) की टाइपड्रेसिंग करें। ध्यान रखें की उर्वरक की पूर्ण मात्रा जून तक अवश्य डाल दें। इससे उर्वरक का पौधे भरपूर प्रयोग करते हैं व किल्ले कम मरते हैं। वर्षा काल में यूरिया का प्रयोग करने से उसका अधिकांश भाग नष्ट हो जाती है और अपेक्षित लाभ नही मिलता है।
  • पेड़ी गन्ना में शेष 90 कि0ग्रा0 नत्रजन/है (200 किग्रा0 यूरिया) का जड़ के पास सिंचाई उपरान्त टापड्रेसिंग करें।
  • शरदकालीन गन्ने में एक हल्की मिट्टी बढ़ाए ताकि बढ़तवार के साथ गिरे न और देर से निकलने वाले किल्ले न निकले। जुलाई के उपरान्त निकलने वाले किल्लों से उस वर्ष गन्ना नही बन पाता है।
  • वर्षा न होने की दशा में पूर्व माह की भांति प्रत्येक 15-20 दिन पर आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करते रहें।
  • चोटी बेधक व तना बेधक कीट के जैविक नियंत्रण हेतु 5 ट्राइकोग्रामा कार्डस/है0 की दर से बंधाई करें। इस कार्य को जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के मध्य तक दो बार अवश्य करें।
  • यदि चोटी बेधक कीट की तितली खेतों में पुन: दिखाई दे तो फ्यूराडान 3 जी का 30 किग्रा0/है0 नमी की दशा में जड़ के पास जून के अंतिम सप्ताह में प्रयोग करें। दवा के प्रयोग के समय नमी रहना आवश्यक है।