चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग

उत्तर प्रदेश, भारत

गन्ने के कीट एवं उपचार

क्रमांक नाशिकीट उपचार विधियॉं
11 अष्टपदी (माइट) प्रकोप होने पर किसी एक कीटनाशक का प्रयोग
  • लाइमसल्फर (1:30) का 625 ली0 पानी में घोल बनाकर प्रति हे0 की दर से छिड़काव।
12 सफेद ग्रव बिटिल (व्हाइट ग्रव बिटिल)
  • जून में प्रथम वर्षा के समय शाम को नीम की टहनियों की सहायता से वयस्कों को पकड़कर नष्ट करना।
  • अगस्त-सितम्बर में 15 सेमी की गहराई पर कई बार जुताई करना चाहिए जिससे चिडि़यॉं गिडारों को खा जाये।
  • बुवाई के समय लिण्डेन (गामा बीएचसी) 20 प्रतिशत घोल 12.5 ली0 को 1875 ली0 पानी में घोल बनाकर प्रति हे0 की दर से नालियों में पेड़ों के ऊपर हजारे द्वारा प्रयोग।
13 पायरिला ग्रीष्मकाल में किसी एक कीटनाशक का छिड़काव प्रति हे0 625 ली0 पानी में मिलाकर।
  • इण्डोसल्फान 35 प्रतिशत घोल 0.67 ली0 प्रति हे0।
  • क्वीनालफॉस 25 प्रतिशत घोल 0.80 ली0 प्रति हे0।
  • मैलाथियान 50 प्रतिशत घोल 1.25 ली0 प्रति हे0।
  • फालीथियान 50 प्रतिशत घोल 0.80 ली0 प्रति हे0।
  • फेन्थियान 100 प्रतिशत घोल 0.625 ली0 प्रति हे0।
  • क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत घोल 0.80 ली0 प्रति हे0।
  • डायमेथोएट 30 प्रतिशत घोल 1.0 ली0 प्रति हे0।
  • मोनोक्रोटोफॉस 36 प्रतिशत घोल 0.375 ली0 प्रति हे0।
  • डाइक्लोरोवास 76 प्रतिशत घोल 0.315 ली0 प्रति हे0।
14 कीट (स्केल इंसेक्ट)
  • गन्ने की कटाई के बाद पत्तियों को जलाना। जहां तक संभव हो ग्रसित क्षेत्रों में पेड़ी की फसल न ली जाये।
  • यदि मिल मालिक की सहमति हो तो प्रभावित फसल को आग लगाकर खड़ी फसल को जलाने के पश्चात तुरन्त गन्ना मिल को भेजना चाहिए।
15 टिड्डा (ग्रास हॉपर)  
  • फेनवलरेट 0.4 प्रतिशत धूल 25.0 किग्रा0/हे0 सायंकाल धूसरण।
  • कलिण्डेन 1.3 प्रतिशत धूल का 25 किग्रा/हे0 सायंकाल धूसरण।
  • प्रभावित खेतों में गन्ने क कटाई के पश्चात सूखी पत्तियों को बिछाकर जलाना।