चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग

उत्तर प्रदेश, भारत

गन्ने के कीट एवं उपचार

क्रमांक नाशिकीट उपचार विधियॉं
6 गन्ना बेधक (स्टाक बोरर)
  • इण्डोसल्फान 35 प्रतिशत घोल 3.5 ली0/है0 को 1250 ली0 पानी में घोलकर अगस्त से अक्टूबर पर्यनत तीन सप्ताह के अन्तर पर तीन बार छिड़काव करना।
  • प्रभावित पौधों को खेतो से बाहर निकालकर जला देना।
  • मोनोकोटोफास 36 प्रतिशत घोल 2.1 ली0/हे0 की दर से 1250 ली0 पानी में घोलकर दो बार मध्य अगस्त एवं सितम्बर में छिड़काव करना।
7 काला चिकटा ग्रीष्मकाल में प्रकोप होने पर 625 ली0 पानी में घोल, गोंफ में किसी एक कीटनाशक का प्रति हे0 की दर से छिड़काव करना।
  • इण्डोसल्फान 35 प्रतिशत 0.67 ली0 प्रति हे0।
  • क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत घोल 1.0 ली0 प्रति हे0।
  • फेनिटोथियान 50 प्रतिशत घोल 1.5 ली प्रति हे0।
  • फेन्थियान 100 प्रतिशत घोल 0.75 ली0 प्रति हे0।
  • क्वीनालफॉस 25 प्रतिशत घोल 0.80 ली0 प्रति हे0।
  • डाईमेथोएट 30 प्रतिशत घोल 0.825 ली0 प्रति हे0।
  • मेटासिड 50 प्रतिशत घोल 0.6 ली0 प्रति हे0।
  • डाइक्लोरवास (नुवान) 76 प्रतिशत घोल 0.25 ली0 प्रति हे0।
  • गामा बीएचसी (लिण्डेन) 20 प्रतिशत घोल 1.25 ली0 प्रति हे0।
8 सफेदमक्खी (व्हाइट फ्लाई) अगस्त-सितम्बर में प्रकोप होने पर किसी एक कीटनाशक को 1250 ली0 पानी में घोलकर 15 दिन के अन्तर पर दो बार छिड़काव करना।
  • फेनिटाथियान 50 प्रतिशत घोल 1.0 ली0 प्रति हे0।
  • इण्डोसल्फान 35 प्रतिशत घोल 1.4 ली0 प्रति हे0।
9 थ्रिप्स मई-जून में प्रकोप होने पर 625 ली0 पानी में किसी एक कीटनाशक का घोल बनाकर छिड़काव करना।
  • मैलाथियान 50 प्रतिशत 1.0 ली0 प्रति हे0।
  • डाइमेथोएट 30 प्रतिशत 1.0 ली0 प्रति हे0।
  • इकालक्स 25 प्रतिशत घोल 1.0 ली0 प्रति हे0।
  • नुवाकान 40 प्रतिशत घोल 0.75 ली0 प्रति हे0।
  • एल्सान 50 प्रतिशत घोल 0.50 ली0 प्रति हे0।
10 टिड्डा (ग्रास हॉपर)   प्रकोप होने पर जुलाई-अगस्त में किसी एक कीटनाशक का 1250 ली0 पानी में घोल बनाकर छिड़काव।
  • मैलाथियान 50 प्रतिशत घोल 1.25 ली0 प्रति हे0।
  • बायोनीम/जवान 1.25 ली0 प्रति हे0 (नीम प्रोडक्ट)
  • लिण्डेन 1.3 प्रतिशत धूल 25.0 किग्रा/हे0 की दर से।
  • फेनवलरेट 0.4 प्रतिशत धूल 25.0 किग्रा/हे0 की दर से।